मऊ। जिला प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज ने कहा है कि कार्यस्थलों पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न रोकने के लिए कार्यालयों में आंतरिक शिकायत समिति बनाई जाए। ऐसा नहीं होने पर नियोजक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शासकीय, अर्धशासकीय कार्यालयों, निजी संगठनों, शैक्षणिक और खेलकूद संस्थानों सहित संगठित व असंगठित क्षेत्र के समस्त कार्यालयों में जहां भी 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, चाहे वह सभी पुरुष ही क्यों न हों, वहां पर आंतरिक परिवाद समिति गठित की जाए। ऐसे कार्यालयों में किसी काम के लिए महिलाएं भी आ सकती हैं और उनके साथ भी कोई घटना हो सकती है। ऐसे में वह कार्यालय में गठित आंतरिक परिवाद समिति में अपनी शिकायत कर सकती हैं। डीपीओ राधेश्याम पाल ने बताया कि पीड़ित महिला कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित शिकायत आंतरिक परिवाद समिति में दर्ज करा सकती है। समिति का गठन कार्यस्थल पर वरिष्ठ स्तर पर नियोजित महिला की अध्यक्षता में होगा। जिसमें दो सदस्य संबंधित कार्यालय से एवं एक सदस्य गैर सरकारी संगठन से नियोजक द्वारा नामित किए जाएंगे। यदि कोई नियोजक समिति का गठन न किये जाने पर दोष सिद्ध ठहराया जाता है, तो उस पर 50 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है।