मऊ। डाक विभाग ने महज 755 रुपये में 15 लाख रुपये के बीमा योजना की शुरुआत की है। नीवाबूपा एक्सडेंटल पॉलिसी लेने के लिए इंडिया पोस्टल बैंक में खाता होना चाहिए। उसके बाद व्यक्ति सालाना 755 रुपये जमा कर बीमा योजना का लाभ ले सकता है। 15 लाख रुपये का बीमा कवर डाक विभाग की ओर से दिया जाएगा। बीमा पॉलिसी में दुर्घटना से लेकर शादी विवाह, बच्चों की शिक्षा, दुर्घटना, अंतिम संस्कार तक के लिए अलग अलग श्रेणी में राशि तय की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति डाकघर में पोस्टल बैंक में आकर खाता खुलवा सकता है।
डाक विभाग की ओर से अब पोस्टल बैंक बीमा योजना के बाद अब आमजन के लिए नीवाबूपा एक्सडेंटल पॉलिसी लागू की गई है। इस पॉलिसी में 18 से 65 साल आयु वर्ग के लोगों को शामिल किया गया है। यदि किसी व्यक्ति से इस योजना के तहत बीमा कराया और उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसके एक बच्चे के लिए एक लाख रुपये शिक्षा के लिए या फिर एक लाख रुपये शादी के लिए का लाभ दिया जाएगा। साथ ही व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपये की तत्काल सहायता मिलेगी। पॉलिसी के तहत यदि किसी व्यक्ति को सांप या बिच्छु काटता है, यदि कोई एक्सीडेंट दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो 15 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। स्थायी दिव्यांगता पर 15 लाख रुपये बीमा का लाभ मिलेगा।
इनसेट
दुर्घटना में हड्डी टूटी तो भी मिलेंगे 25 हजार रुपये
यदि किसी व्यक्ति की दुर्घटना में हड्डी टूट जाती है, तो 25 हजार रुपये का लाभ दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति जल जाता है तो उसे 10 हजार रुपये का लाभ मिलेगा। पॉलिसी के तहत यदि किसी व्यक्ति ने 755 रुपये जमा किए हैं। वह पूरे साल घर बैठे चिकित्सकों से सलाह ले सकता है। यदि किसी व्यक्ति के साथ दुर्घटना हो जाती है। वह निजी अस्पताल में उपचार कराता है तो उसे साधारण कमरे के 1000 रुपये प्रतिदिन दिया जाएगा। यदि आईसीयू में है तो दो हजार रुपए प्रति दिन का लाभ दिया जाएगा। इसी तरह गर्भवती महिला के प्रसव के दौरान साधारण कमरे का एक हजार रुपये व आईसीयू कमरे के लिए दो हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से लाभ दिया जाएगा।
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डाक विभाग से नीवाबूपा एक्सडेंटल पॉलिसी की शुरुआत की है। व्यक्ति सालाना 755 रुपये जमा कर बीमा योजना का लाभ ले सकता है। 15 लाख रुपये का बीमा है। इस बीमा पॉलिसी में दुर्घटना, से लेकर शादी विवाह, बच्चों की शिक्षा, दुर्घटना, चिकित्सा सुविधा व अंतिम संस्कार तक के लिए अलग अलग श्रेणी में राशि तय की गई है।
संजय कुमार, पोस्टमास्टर, प्रधान डाकघर