जिले में सोलर एनर्जी की तरफ लोगों का रुझान बढ़ने लगा है। कृषि क्षेत्र में सोलर एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन की तरफ से कवायद की जा रही है। शासन की तरफ से किसानों को सिंचाई का एक अच्छा माध्यम देने के लिये प्रधानमंत्री कुसुम योजना शुरू की गई है। बिजली बचत होने किसानों को यूनिट के हिसाब से भुगतान मिलेगा। सरकार की तरफ से सोलर पैनल पर अनुदान दिए जाने से लोगों का रुझान सोलर एनर्जी की तरफ बढ़ने लगा है। सरकारी, गैर सरकारी तथा निजी प्रतिष्ठानों पर सोलर पैनल लगाए जाने लगे हैं। सरकारी संस्थानों में कलेक्ट्रेट, दोहरीघाट प्रशिक्षण संस्थान सहित जिले के कई निजी अस्पतालों में सोलर पैनल लगाए गए हैं।
नेडा में लगाए गए सोलर पैनल का डाटा नहीं उपलब्ध है। शासन की तरफ से किसानों को सिंचाई का एक अच्छा माध्यम देने के लिए प्रधानमंत्री कुसुम योजना शुरू की गई है। किसानों के लिए 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पैनल लगाने की सुविधा मिलेगी। किसानों को पहले ब्लाक कार्यालय में योजना के लिए आवेदन देना होगा। सोलर पैनल लगने पर बची बिजली ग्रिड में जाने पर किसानों को 3.58 यूनिट की दर से भुगतान मिलेगा।
इस बाबत परियोजना अधिकारी नेडा फिरोज अहमद का कहना था कि सरकारी, गैर सरकारी तथा निजी संस्थानों में सोलर पैनल लगाया गया है। किसानों के लिए प्रधानमंत्री कुसुम योजना शुरू की गई है। किसानों के लिए 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पैनल लगाने की सुविधा मिलेगी। किसानों को पहले ब्लाक कार्यालय में योजना के लिए आवेदन देना होगा।