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घाघरा में उफान से लोगों की बढ़ी धड़कनें

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दोहरीघाट। कई दिनों से घाघरा के जलस्तर में घटाव के बाद मंगलवार को नदी में उफान आने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाके के लोगों की एक बार फिर धड़कनें तेज हो गई है। मंगलवार को नेपाल की तरफ से चार साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से घाघरा का जलस्तर तेजी से बढना शुरू हो गया है। आठ घंटे में नदी के जलस्तर मेें 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के उग्र तेवर से कस्बा सहित ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। नदी के रुख को देखते हुए सिंचाई विभाग तथा प्रशासन अलर्ट मूड में है। कई दिनों से घाघरा के जलस्तर में घटाव से कस्बा सहित तटवर्ती इलाके के लोग राहत की सांस ले ही रहे थे कि मंगलवार को नदी के रौद्र रुप धारण करने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो मंगलवार की पूर्वाह्न आठ बजे नदी का जलस्तर 70मीटर रहा। अपराह्न चार बजे नदी का जलस्तर बढकर 70.10मीटर हो गया। जबकि सोमवार को 70.05 मीटर रहा। घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ने से नदी के कहर बरपाने का खतरा बढ़ जाने से लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ती ही जा रही है। नदी के रुख को देखते हुुुए जिला प्रशासन तथा सिंचाई विभाग तथा बाढ़ खंड अलर्ट मूड में है। बाढ़ खंड की तरफ से बंधों की निगरानी के लिए एक टीम गठित की गई है।औराड़ाड कैंची बंधा की ऊंचाई बढा दी गई है। चिऊंटीडाड़ रिंग बंधो को भी पूरी तरह से दुरूस्त कर दिया गया है। विभागीय अधिकारी बीबीपुर बेलौली रिंग बंधों की लगातार निगरानी तेज कर दी गई है। बाढ़ चौकियों पर भी बाढ से निपटने की तैयारी करने में अधिकारी योजना बनाने में जुुटे रहे। जिसकी मानिटरिंग खुद जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी कर रहे थे। बाढ़ खंड आजमगढ़ के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार का कहना था कि घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर 70.70 मीटर तक जा सकता है। नदी के रुख के मद्देनजर सभी उपाय किए गए हैं।
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