श्री रामलीला मेला समिति की ओर से प्राचीन रामलीला मंचन में भगवान राम जब रावण का वध का मंचन होने के बाद रावण के पुतला का दहन किया जाता है। कई वर्षों से रावण के पुतले की लंबाई लगातार बढ़ती जा रही है। तीन वर्ष की तुलना में इस वर्ष इस बार नगर के दशई पोखरा पर 13 फीट अधिक यानि 35 फीट लंबे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। रावण के पुतला दहन को देखने के लिए नगर सहित दूूर दराज इलाकों के हजारों लोग शामिल होंगे।
दशहरा के विषय में मान्यता है कि अश्विन मास की दशमी तिथि को ही भगवान राम ने अहंकारी रावण का वध किया था। इन्हीं मान्यताओं के आधार पर दशहरा पर्व शनिवार को नगर सहित जिले में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। दशहरा को मनाने के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नगर के दशई पोखरा पर राम-रावण युद्ध का मंचन किया जाता है। यह रामलीला देश की आजादी के पहले से होती चली आ रही है। इसे वृहद रूप देकर यहां के निवासी आयोजन करते आ रहे हैं। रावण के पुतला दहन के दिन यहां पर काफी भीड़ लगती है। आंकड़ों के अनुसार तीन वर्ष से लगातार रावण के पुतले की लंबाई बढ़ती जा रही है। 2022 में 22 फीट लंबे रावण के पुतले का दहन किया गया था। जबकि वर्ष 2023 में 24 फीट लंबे रावण के पुतले का दहन किया गया था। वर्ष 2024 में 35 फीट लंबे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों के अनुसार इस वर्ष रावण के पुतले की लागत 50 हजार आई है। प्रतिवर्ष 10 से 12 प्रतिशत लागत बढ़ जाती है। इस संबंध में श्रीरामलीला मेला समिति के महामंत्री संजय वर्मा ने बताया कि भगवान राम की कृपा से हर बरस धूमधाम से रामलीला का आयोजन होता है। इस रामलीला में नगर सहित कई जिलों के कलाकार आकर इसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं। इस बार 35 फीट का रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। शनिवार को शाम होते ही पुतला का दहन होगा।