जिलाधिकारी अरुण कुमार ने मंगलवार तहसील मधुबन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में उपजिलाधिकारी न्यायिक अनुपस्थित मिले। रिकार्ड रूम में अभिलेखों का रखरखाव अव्यवस्थित मिला। इस दौरान तहसील के 45 गांवों के नक्शे अधूरे मिले। निवास प्रमाण पत्र के 47, लोक संबोधन प्रणाली के लिए अनुज्ञा से संबंधित 250 आवेदन एक माह से भी अधिक समय से लंबित पाए गए।
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी कोर्ट, उप जिलाधिकारी कोर्ट (न्यायिक), तहसीलदार कोर्ट, नायब तहसीलदार कोर्ट, रिकॉर्ड रूम सहित अन्य कक्षों का भी निरीक्षण कर संबंधित अभिलेखों की जांच की। जांच के दौरान स्वामित्व योजना के तहत अभी भी 45 गावों के नक्शे भेजने हेतु अवशेष पाने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी शीघ्र ही त्रुटि रहित सर्वेक्षण पूर्ण कर सभी गांवों का भूलेख सत्यापन करने के निर्देश दिए। पट्टा आवंटन के अभिलेखों की जांच के दौरान कृषि हेतु निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कम पट्टा आवंटन को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। ऑनलाइन शिकायतों से संबंधित अभिलेखों की जांच के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर से संदर्भित पांच एवं जिलाधिकारी को संदर्भित 21 मामलों के लंबित पाने पर इसके तत्काल निस्तारण के निर्देश एसडीएम को दिए। इसके अलावा निवास प्रमाण पत्र के 47 आवेदन, लोक संबोधन प्रणाली के लिए अनुज्ञा से संबंधित 250 आवेदन, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना के तहत दो आवेदन एक माह से लंबित पाने पर नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने सभी लंबित मामलों का निपटारा करने के निर्देश एसडीएम को दिए। अभिलेखागार अव्यवस्थित पाने पर राजस्व ग्रामों के समस्त रिकॉर्ड संबंधित बस्ता सूची के साथ 15 दिनों के अंदर अभिलेखागार को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। कर्मचारियों के सर्विस बुक अपडेट नहीं पाने पर दो दिनों के अंदर अपडेट करने के निर्देश दिए। अमीनों की वसूली संतोषजनक न पाए जाए पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 10 बड़े बकायेदारों से वसूली निराशा जनक देख उनकी अचल संपत्तियों को चिह्नित कर नीलामी प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालय से संबंधित पत्रावलियों की जांच के दौरान जिलाधिकारी ने उच्च न्यायालय से संबंधित सभी मामलों का समयसीमा के अंदर निपटारा करने के निर्देश दिए।