कोपागंज के लाड़नपुर स्थित बापू आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज और हास्पिटल में ट्रांजिशनल करिकुलम कार?
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मऊ। राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय हड़िया, प्रयागराज के पूर्व प्राचार्य तथा प्रो. डा. जीएस तोमर ने कहा कि आयुर्वेद संपूर्ण विश्व की आशा का केंद्र है। दुनियाभर ने भारत की देन आयुर्वेद का लोहा माना है। इसमे किसी भी प्रकार साइट इफेक्ट नहीं होता है। वह नेशनल कमिशन फार इंडियन सिस्टम आफ मेडिसिन भारत सरकार के निर्देशन में बापू आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एवं हास्पिटल, लाड़नपुर, कोपागंज मे नव-प्रवेशित बीएएमएस छात्रों के लिए ट्रांजिशनल करिकुलम कार्यक्रम के तीसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कहा कि इसमे किसी तरह की एंटी बायटिक का इस्तेमाल नही होता और इसमे पुरानी से पुरानी बीमारी का सफलता से इलाज होता है। हजारों वर्ष पूर्व महर्षि चरक ने आयुर्वेद के विषय मे जो शोध किया उसे आज विश्वविद्यालयों और मेडिकल कालेजों मे पढ़ाया जा रहा है। विशिष्ट अतिथि राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय रामापुर प्रतापगढ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अवनीश पांडेय ने बताया कि आयुर्वेद के छात्रों को इस बात पर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए कि वे हानिरहित चिकित्सा पद्धति से मानवता की सेवा करने जा रहें हैं। अध्यक्षता डायरेक्टर डॉ. मनीष कुमार राय ने की। प्राचार्य डॉ. एनके जायसवाल ने आभार जताया। इस दौरान डॉ. मनोज कौशल डॉ. आत्मानंद मिश्रा, डॉ. मुख्तार फैसल, डॉ. सुरेश यादव, डॉ. जेपी दूबे, डॉ. अर्चना, डॉ. प्रीती, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ.विजय यादव, डॉ. उपेंद्रनाथ, डॉ. आवेश, आदि उपस्थित रहें।