मुहम्मदाबाद गोहना। विधानसभा चुनाव में पार्टियों की बूथ जीतने की रणनीति ही जीत का मार्ग प्रशस्त करेगी। पिछले चुनाव की समीक्षा कर राजनीतिक दल अपने-अपने कमजोर बूथों पर जीत को लेकर कार्यकर्ताओ को जीत का मंत्र दे रहे हैं। कारगर रणनीति बनाने वाली पार्टी ही अपनी कामयाबी का झंडा कायम रख सकेगी। 2017 के विधान सभा कि चुनाव में मुहम्मदाबाद गोहना सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से कुल 356 बूथों में से भारतीय जनता पार्टी ने सबसे अधिक 138 बूथों पर अन्य पार्टियों से बढ़त हासिल की थी। था और क्षेत्र से पार्टी को जीत नसीब हुई थी। उस बार बसपा ने भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए 132 बूथो पर जीत दर्ज कराया था। वोटों के मामले में मात्र छह बूथों पर पिछड़ जाने से बसपा जीत दर्ज कराने में सफल नहीं हो सकी। वर्ष 2012 में यहां से जीतने वाली समाजवादी पार्टी 2017 में अपना प्रदर्शन दोहरा पाने में असफल रही। सपा को केवल 86 बूथों पर ही बढ़त मिल सकी थी। 2022 का चुनाव पार्टियों के लिए काफी अहम है। अपनी जीत को लेकर भाजपा, बसपा और सपा सवार्धिक बूथ जीतने का हर संभव प्रयास कर रही हैं। 2017 के चुनाव परिणाम पर नजर डाला जाए तो उस दौरान क्षेत्र में कुल 356 बूथों में से भारतीय जनता पार्टी ने सबसे अधिक 138 बूथ पर अन्य पार्टियों से अधिक मत प्राप्त किया था। बसपा ने भी कड़ा संघर्ष किया और उसे कुल 132 बूथों पर बढ़त हासिल किया। केवल छह बूथों पर पिछड़ जाने से बसपा जीत के मतों का अंतर पाटने में सफल नहीं हो सकी। इस प्रकार भाजपा 538 मतों से जीत दर्ज करने में सफल रही। 2012 में अच्छा प्रदर्शन कर क्षेत्र से जीतने दर्ज करने वाली सपा 2017 में अपना प्रदर्शन दोहराने में सफल नहीं हो सकी। इस क्षेत्र से सपा केवल 86 बूथों पर ही भाजपा और बसपा को पीछे छोड़ने में सफल हो सकी थी। जीतने वाले भाजपा के श्री राम सोनकर को कुल 73,225 मत मिला था जबकि दूसरे नंबर पर बसपा के राजेंद्र कुमार को 72,658 मत प्राप्त हुए थे। सपा के बैजनाथ पासवान कुल 59,547 मत ही प्राप्त कर सके थे। 2022 में सपा, बसपा और भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को बूथ जीतने का मंत्र दे रहे हैं। कार्यकर्ता भी बूथ जिताने का दम भर रहे हैं। तीनों पार्टियों में कड़ा संघर्ष देखते हुए यह कहा जा सकता है कि जो सबसे अधिक बूथ जीतेगा उसे ही जीत नसीब होने की संभावना अधिक है।