रेलवे के डाउन सिंक लाइन में वैगन केयर सेंटर यार्ड में काम करने वाली कंपनी के मजदूर ने लोहे के तार का फंदा बनाकर उसके सहारे लटक कर जान दे दी। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वैगन केयर सेंटर के यार्ड में निजी कंपनी निर्माण कार्य करा रही है। इसी कंपनी में समरेंद्र कुमार सिंह (20) और उसका भाई अरविंद कुमार निवासी कांटापुरवा अमिरिति, सीतापुर पेंटर का काम करते थे। कंपनी ने यार्ड में ही लेबर रूम बनाया है। शुक्रवार को समरेंद्र 11 बजे साथी को कहकर रूम पर चला आया। दोपहर में एक बजे जब उसका भाई अरविंद लंच टाइम में आया तो रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो उसने शोर मचाया तो साथी श्रमिक पहुंचे। किसी तरह दरवाजा खोला गया तो समरेंद्र लोहे के तार से झूल रहा था। उसे उतारा गया लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची अलीनगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। युवक ने आत्महत्या क्यों कि इसको लेकर चर्चा है। गौरीशंकर चौहान के दो बेटे और दो बेटियों में समरेंद्र तीसरे नंबर पर था। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। इस संंबंध में अलीनगर थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि युवक ने आत्महत्या की है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।