नगर के अलाउद्दीनपुरा स्थित व्यापार मंडल कार्यालय पर शुक्रवार को व्यापारियों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष उमाशंकर ओमर ने कहा कि देश का व्यापारी वर्ग पहले से ही ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों और कमरतोड़ महंगाई के कारण बुरी तरह प्रभावित है। ग्राहकों का रुझान कैशलेस की तरफ बढ़ा था, जिससे व्यापार को थोड़ा सहारा मिला। अब अगर सरकार यूपीआई पर एमडीआर टैक्स थोपती है, तो बचा-खुचा व्यापार भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल व्यापारियों की कमर तोड़ेगा, बल्कि प्रधानमंत्री के ''डिजिटल इंडिया'' और ''डिजिटल क्रांति'' के दूरदर्शी सपने को भी धराशायी कर देगा। बैठक में जिला महामंत्री गिरिजा शंकर मौर्या ने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापारियों के पास मार्जिन बहुत कम होता है। ऐसे में एमडीआर का अतिरिक्त बोझ उठा पाना उनके लिए असंभव है। सरकार को व्यापारियों पर नए टैक्स लादने के बजाय राहत पैकेज और सहूलियतें देनी चाहिए। आईटी मंच के प्रदेश महामंत्री आनंद ओमर ने तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल इंडिया की सफलता की नींव ही ''जीरो-चार्ज'' यूपीआई लेन-देन पर टिकी है। अगर इस पर शुल्क लगाया गया तो लोग फिर से नकदी (कैश) के लेन-देन की ओर लौटने को विवश होंगे, जिससे डिजिटल अर्थव्यवस्था का पूरा ढांचा प्रभावित होगा। बैठक में प्रमुख रूप से अमृत लाल जायसवाल, अभय तिवारी, जगदीश गुप्ता, शिवकुमार जायसवाल, अनिल विश्वकर्मा उपस्थित रहे।