मुहम्मदाबाद गोहना। स्थानीय तहसील क्षेत्र के ऐतिहासिक तीन दिवसीय लक्ष्मी पूजा पर्व का गुरुवार को मूर्ति विसर्जन के साथ समापन हो गया। मुहम्मदाबाद गोहना और खैराबाद स्थित तमसा नदी तट पर देर रात तक मूर्ति विसर्जन किया गया। खैराबाद में विसर्जन देर शाम सात बजे तक चलता रहा। मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा में मूर्ति विसर्जन के लिए मूर्तियों को इकट्ठा किया जा रहा था।
तहसील क्षेत्र की ऐतिहासिक लक्ष्मी पूजा संपन्न होने के बाद बृहस्पतिवार को भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी में मूर्तियों का विसर्जन किया गया। बता दें कि मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र में कुल 197 स्थानों पर मूर्तियां स्थापित की जाती हैं। दीपावली के दिन स्थापित मूर्तियों का दो दिनों तक दर्शन पूजन के बाद तीसरे दिन विसर्जन किया जाता है। विसर्जन के दिन बृहस्पतिवार को सबसे पहले खैराबाद गांव से होकर अतरारी स्थित धराहरा घाट पर जाने वाली मूर्तियों का विसर्जन दोपहर बाद शुरू हुआ।
विसर्जन के दौरान सुरक्षा बल का व्यापक प्रबंध रहा। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी की मौजूदगी में क्षेत्राधिकारी कुमार नरेश कोतवाल शैलेश सिंह के साथ मुहम्मदबाद गोहना, रानीपुर, चिरैयाकोट पुलिस के साथ अन्य थाना क्षेत्रों की पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद रहे।
खैराबाद के अतिरिक्त अतरारी, बरहदपुर, बनियापार सुतरही आदि गांवों की भी मूर्तियों का विसर्जन किया गया। खैराबाद में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सैकड़ों पुलिसकर्मी विसर्जन वाले रास्ते पर उपस्थित रहे। विसर्जन कार्यक्रम की देखरेख के लिए ड्रोन कैमरे भी लगाए गए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच मूर्तियां विसर्जित करने का सिलसिला जारी रहा।
इस दौरान मूर्तियों के साथ चल रहे युवक देवी गीतों पर जमकर थिरकते रहे। किसी भी अप्रिय घटना को लेकर पुलिस जवानों के अतिरिक्त फायर कर्मी मुस्तैद रहे । समाचार दिए जाने तक देर शाम सात बजे तक खैराबाद से होकर विसर्जित होने वाली मूर्तियां विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था जबकि मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा में विसर्जित होने वाली मूर्तियों के विसर्जन की तैयारी चल रही थी।