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10 वर्षों से खुलने का इंतजार कर रहा आईसीयू वार्ड

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जिला अस्पताल में बदहाल पड़ा लाखों की कीमत से बना आईसीयू वार्ड।संवाद - फोटो : MAU
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मऊ। जिले के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी के चलते अच्छी स्वास्थ्य सुविधा लोगों को नहीं मिल पा रही है। जिला अस्पताल में 10 वर्ष पूर्व लाखों की लागत से बना आईसीयू वार्ड भी विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी के कारण अब तक चालू नहीं हो सका है। वार्ड के लिए लाखों के संसाधन मंगाए गए हैं। लेकिन अबतक यहां विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। जिला अस्पताल में वर्ष 2012 में 50 लाख रुपये की लागत से ब्लड बैंक के ठीक बगल में बना (आईसीयू) इंटेंसिव केयर यूनिट अब तक शुरू नहीं हो सका है। अस्पताल में लाखों की कीमत के दो वेंटीलेटर भी धूल खा रहे हैं। जबकि विभाग उपकरण और मानव संसाधनों का रोना रो रहा है। जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। गंभीर मरीज इलाज के लिए निजी अस्पताल का रुख कर रहे हैं। आईसीयू के संचालन के लिए एमडी मेडिसिन, एनेस्थेटिक, कार्डियोलाजिस्ट सहित पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत है। जो यहां मौजूद नहीं है। स्थिति यह है कि गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बीएचयू रेफर किया जा रहा है। हालांकि कोरोना काल में आईसीयू वार्ड को प्रारंभ करने की कवायद शुरू की गई थी। लेकिन चिकित्सकों और संसाधनों की कमी के कारण उसे शुरू नहीं किया जा सका। अब तो संक्रमण काल भी खत्म हो चुका लेकिन विभाग ने इसे शुरू कराना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में लोगों में बेहतर चिकित्सा सुविधा की चाह दम तोड़ रही है। सीएमओ डॉ. एसएन दूबे ने बताया कि जिले में चिकित्सकीय सुविधा को और बेहतर बनाया जा रहा है। जिला अस्पताल में बने आईसीयू वार्ड को विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती के साथ शुरू कराया जाएगा। अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी तैनाती के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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