मऊ। मेरा परिवार में मैं, पत्नी और माता-पिता है, लेकिन पत्नी मुझे इनसे दूर कर अलग रहना चाहती है। यह गुहार रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित परिवार परामर्श की बैठक में आए एक युवक ने सदस्यों के समक्ष लगाई। वहीं युवक के जवाब में उसकी पत्नी ने कहा कि उसका साथ पति नहीं देता है। वह अलग रहना चाहती है, उसके सास ससुर उसकी आजादी में अवरोधक बन रहे हैं। आरोप लगाया कि इतना ही नहीं सास उसे नियंत्रित करने के लिए उसे खाने में दवा मिला कर खिलाती हैं। दोनों पक्षों को समझाने के बाद भी इस संबंध में कोई निदान न होने पर दोनों पक्षों को सदस्यों ने कोर्ट में जाने का निर्णय सुनाया। वहीं दूसरी ओर युवक ने पत्नी पर मायके वालों से बातचीत कर परिवार में दखल देने का आरोप लगाया। वहीं महिला ने बताया कि पति खुद उसे पत्नी का दर्जा नहीं देते हैं, उसके सास-ससुर उसे मायके पक्ष के लोगों से बातचीत नहीं करने देते हैं। इस मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई के लिए अलग तारिख तय की। इससे पहले सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चली बैठक में 48 मामले आए, इसमें 12 मामलों का निस्तारण हुआ। वहीं पांच दंपतियों ने गिले शिकवे भुलाकर एक दूसरे के साथ दुबारा रहने को तैयार हुए। इस मौके पर अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दुबे, शाहिद पैरिस, मौलवी अरशद आदि मौजूद रहे।