मऊ। मेरा पति अपनी मां के आंचल में छुपा रहता है, माता-पिता की हर बात मानता है। मेरी बातों को कोई तव्वजो नहीं देता है। मैं किसी भी कीमत पर ससुराल में इसके साथ नहीं रह सकती हूं। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित परिवार परामर्श की बैठक में एक महिला ने यह बात कही। इससे पहले उसके पति ने ब्यूरो के सदस्यों के समक्ष गुहार लगाई थी कि उसकी पत्नी बच्चों के साथ मायके में रह रही है। कई बार वह पत्नी को बुलाने की कोशिश कर चुका है, लेकिन पत्नी कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। वह माता-पिता की बात सुनने से मना करती है और कहती है कि वह उनकी सेवा नहीं करेगी। मैं अपने बुजुर्ग माता-पिता को कैसे उनके हाल पर छोड़ सकता हूं। इस मामले में सदस्यों की ओर से दोनों को फिर से अपने जीवन व बच्चों के लिए आदर्श कदम उठाकर साथ रहने की सलाह दी। लेकिन महिला ने पति के साथ रहने से इनकार कर दिया। इससे पहले सुबह 10 बजे दोपहर दो बजे तक चले बैठक में 33 मामले आए। जिसमें सात का निस्तारण किया गया। जिन मामलों में एफआईआर तथा 5 में पक्षकारों को कोर्ट जाने की सलाह दी गयी। क्योंके दोनों पक्ष संवाद या समझौता के लिए तैयार नहीं हुए थे। इस मौके पर परिवार परामर्श सदस्यों में अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दूबे, शाहिद पैरिस, मौलवी अरशद रहे।