मऊ/कोपागंज। जिले के कोपागंज ब्लाक के फतेहपुर ताल नरजा में प्रवासी पक्षियों का शिकार फिर से शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार की दोपहर ग्रामीणों को एक लालशर पक्षी घायल अवस्था में मिला था, जो किसी शिकारी की गोली से घायल था। नवंबर में अमर उजाला में पक्षियों के शिकार पर समाचार प्रकाशित होने के बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने वन विभाग के साथ मिलकर शिकारियों के खिलाफ अभियान चलाया था। अधिकारियों के सुस्त पड़ते ही फिर से प्रवासी पक्षियों का शिकार शुरू हो गया है। कोपागंज ब्लॉक के फतेहपुर ताल नरजा ग्राम सभा में 2292 बीघे की परिधि में फैले प्राचीन फतेहपुर ताल पक्षी विहार में सर्दी के शुरुआत के साथ ही प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। फतेहपुर ताल में पक्षियों का झुंड खुले आसमान तले मस्ती करते हैं। इन विदेशी मेहमानों में से बहुत से पक्षी यहां से सुरक्षित वापस अपने गतंव्य स्थान पर पहुंच पाते हैं, दरअसल कारण शिकारियों द्वारा इनका शिकार। बीते बृहस्पतिवार को फतेहपुर ताल नरजा गांव में लालसर पक्षी घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा था, जिसे देखकर ग्रामीणों ने इसका उपचार किया। चौकाने वाली बात है कि यह शिकार की जानकारी कोपागंज पुलिस के जिम्मेदारों के साथ वन विभाग के जिम्मेदाराें को भी है, बावजूद इस तरह की घटना इनकी सक्रियता पर सवालिया निशान उठा रही है। बताते चले कि बीते 19 नवंबर 2023 में अमर उजाला द्वारा तालों में प्रवासियों पक्षियों के आगमन पर इनके शिकार को लेकर तालों में गरजने लगी बंदूकें, मेहमान पक्षियों को निशाना बना रहे हैं शिकारी शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। इस पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने संज्ञान में लिया था। 22 नवंबर को पुलिस ने छह प्रवासी पक्षियों के साथ दो शिकारी को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई कई दिनों तक जारी रही थी। अब दोनों विभागों के जिम्मेदारों का ध्यान इससे हट गया, जिसका फायदा शिकारी उठा रहे हैं। वहीं, इस संबंध में कोपागंज थानाध्यक्ष शैलेश सिंह ने कहा की मामला सज्ञान में नहीं है। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।