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कैसे हो इलाज, 29 के मुकाबले 14 चिकित्सक

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जिला अस्पताल स्थित मुख्य भवन।संवाद - फोटो : MAU
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मऊ। चिकित्सकों के तबादले से जिला अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है। अस्पताल के छह डॉक्टरों का तबादला हुआ है जबकि इसके एवज में एक रेडियोलाजिस्ट समेत दो डॉक्टर ही मिले हैं। हालत यह है कि 29 के मुकाबले 14 चिकित्सक इलाज की बागडोर कैसे संभालेंगे। स्थानांतरित किए गए चिकित्सकों पर नजर डालें तो डॉ. आशुतोष एनेस्थेसिया, डेंटल सर्जन डॉ. सीपी आर्या, चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. एके रंजन, नेत्र सर्जन डॉ.एमके पांडेय, सर्जन डॉ. राकेश चौधरी सहित छह चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया गया। लेकिन विभाग की तरफ से नेत्र सर्जन तथा एक रेडियोलाजिस्ट के आने की सूचना है। डेंटल सर्जन तथा नेत्र सर्जन के तबादले के बाद नेत्र और डेंटल ओपीडी में आए गंभीर मरीजों को लौटना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में एक फिजीशयन, हृदय रोग सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों का पद काफी समय से खाली है। जिला अस्पताल में 29 चिकित्सकों का पद है। लेकिन वर्तमान में 14 चिकित्सकों की ही तैनाती है। अस्पताल में रोजाना 1100 से अधिक की ओपीडी है। लेकिन चिकित्सकों की कमी के बीच मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। नतीजतन अधिकांश मरीजों को निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। जिला अस्पताल मेें लंबे समय से रेडियोलाजिस्ट का पद रिक्त चल रहा था। इससे गंभीर मरीजों का अल्ट्रासाउंड न हो पाने से इलाज जैसे तैसे हो रहा था।अब नई व्यवस्था के तहत जिला अस्पताल में रेडियोलाजिस्ट की तैनाती हो गई है। ऐेस में अब मरीजों का अल्ट्रासाउंड हो सकेगा। सीएमएस डॉ. नाहिदा खातून सिद्दीकी ने बताया कि जिला अस्पताल मेें तैनात पांच चिकित्सकों का तबादला हुआ है। अभी तक एक रेडियोलाजिस्ट तथा एक नेत्र सर्जन के तैनाती की सूचना है। अस्पताल में आने वाले मरीजों का बेहतर इलाज करने का प्रयास जारी है।
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