मऊ। गेहूं खरीद शुरू होने के 49 दिन बीत जाने के बाद भी सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर गेेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 24.40 फीसदी ही खरीद हो सकी। 2253 किसानों से 8495.2470 एमटी गेहूं खरीद हो सकी है। किसानों को गेहूं की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में 49 क्रय केंद्र खोले गए हैं। शासन की तरफ से 35 हजार लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गेेहूं खरीद की रफ्तार बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से तमाम कवायद शुरू की गई लेकिन लक्ष्य के मुकाबले 24.40 फीसदी ही खरीद हो सकी है। जबकि 15 जून तक खरीद की जानी है। किसानों की मानें तो रुस-यूक्रेन युद्ध के चलते बाजार में मिल रहा रेट समर्थन मूल्य के आसपास मिल रहा है। ऐसे में किसान सरकारी क्रय केंद्रों के बजाय बाजार में ही बेच दे रहे हैं। कुछ बड़े किसान रेट बढ़ने की उम्मीद में अपना गेहूं रखे हुए हैं। एक अप्रैल से गेहूं खरीद चल रही है, लेकिन अभी तक 2253 किसानों से 8495.2470 एमटी खरीद हो सकी है। जबकि पांच हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण किया है। एजेंसीवार नजर डाली जाए तो खाद्य विभाग की तरफ से 4375.666, पीसीएफ 4062.089 तथा भारतीय खाद्य निगम से 57.50 एमटी खरीद की गई है। कई क्रय केंद्रों पर कभी बोरे का अभाव तो कभी अन्य अव्यवस्था रहने से किसानों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। क्रय केंद्रों से बैरंग लौटना पड़ता है। इससे आढ़तियों की चांदी कट रही है।