मऊ। शिक्षा सत्र शुरू होने के 172 दिन बीतने के बाद जिले के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मानक के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा सकी है। इसके चलते पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 40 प्रधानाचार्यों के पद रिक्त चल रहे हैं। हालत यह है कि 1264 की जगह 678 शिक्षकों की ही तैनाती की जा सकी है। जिले में 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। शिक्षा सत्र का छठवां माह चल रहा है लेकिन अभी तक विद्यालयों में मानक के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा सकी है। इससे छात्र छात्राओं को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। विद्यालयों में रिक्त चल रहे पदों पर नजर डाला जाए तो प्रवक्ता के 321 पदों के सापेक्ष 207 पदों पर ही तैनाती की जा सकी है। इसी क्रम में सहायक अध्यापकों के 843 सृजित पद हैं। जिसमें 471 पदों पर ही तैनाती है। इसी क्रम में 67 प्रधानाचार्य के सापेक्ष 27 पदों पर तैनाती है। प्रधानाचार्यों के 40 पद रिक्त चल रहे हैं और प्रभारी प्रधानाचार्यों के भरोसे विद्यालय संचालित हो रहे हैं। अभिभावकों की मानें तो लंबे समय बाद माध्यमिक विद्यालय खुले तो हैं लेकिन विद्यालयों में प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पद खाली रहने से पढ़ाई सही ढंग से नहीं हो पा रही है। छात्र भी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर चिंतित हैं। शिकायत के बाद भी आला अधिकारियों की ओर से आश्वासन देकर मामले को लटका दिया जा रहा है। रिक्त चल रहे शिक्षकों के पद पर कब तक तैनाती होगी आला अधिकारी बताने को तैयार नहीं हैं। इस संबंध में जिलाविद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि शासन स्तर से नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।