घोसी। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के मदा समसपुर मुहल्ले में शनिवार को मास्टर प्लान के विपरीत बन रहे निर्माणाधीन एक मकान को ढहाने की कार्रवाई तहसील प्रशासन ने की। देर रात तक पुलिस फोर्स के बीच में कटर से पिलर काटा जा रहा था। वहीं, जेसीबी से ढहाया गया। बीते आठ दिसंबर को इलाके में हल्दी रस्म के दौरान जर्जर दीवार गिरने से दो बच्चे और आठ महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद से प्रशासन अवैध निर्माण पर तेजी से कार्रवाई कर रहा है।
कस्बा के मदा समसपुर स्थित एचडीएफसी बैंक के पिछले भाग के बगल और अस्करी स्कूल के पीछे मदापुर निवासी गयास आलम का व्यावसायिक भवन का निर्माण जो करीब 50 फ़ीट चौड़े और लगभग 150 फ़ीट लंबे हिस्से पर एक वर्ष से चल रहा था। ग्राउंड और प्रथम तल के निर्माण में दो फीट चौड़े और एक फ़ीट मोटा लिंटर लगा है। इसे मास्टर प्लान के नक्शे के विपरीत पाया। जांच के बाद मास्टर प्लान के अवर अभियंता शादाब खान ने मकान मालिक को नोटिस जारी कर सुधार करने का निर्देश दिया। अवर अभियंता ने बताया कि संबंधित व्यक्ति ने नोटिस के अनुपालन नहीं किया।
स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण एवं संपूर्ण भवन का नक्शा पास न होने पर अवैध निर्माण को ध्वस्तीकरण के लिए दुबारा नोटिस दिया गया। बावजूद कोई कवायद न होने पर शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे के बाद एक प्लाटून पीएसी, घोसी, मधुबन, कोपागंज, दोहरीघाट थाना की पुलिस फोर्स के साथ घोसी तहसीलदार डॉ. धर्मेंद्र पांडेय, सीओ गणेशदत्त मिश्रा मदा समसपुर पहुंचे। मोटे लिंटर की वजह से ध्वस्तीकरण में लगे कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। देर शाम तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी थी। मौके पर नायब तहसीलदार निशांत मिश्रा, कोतवाल राजकुमार सिंह, एसएचओ कोपागंज शैलेश सिंह, एसएचओ मधुबन रविन्द्र राय, एसओ दोहरीघाट कल्पना मिश्रा सहित अन्य मौजूद रहे।