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जिला अस्पताल कालोनी में बाहरियों का दखल

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मऊ। जिला अस्पताल कालोनी के आवासों में बाहरियों का दखल कायम है। यहां चिकित्सक और कर्मचारी न रह कर अस्थायी दुकानदार रह रहे। आवास में ही छोले-कुलचे और पकौड़ी-समोसे की दुकानें चल रही। इतना ही नहीं गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल न कर यह अस्थायी कब्जाधारी बिजली हीटरों का उपयोग कर रहे। उधर, चिकित्सक और कर्मचारी किराए का मकान लेकर रहने को मजबूर हैं। हालांकि इस बारे में कई बार सीएमएस से शिकायत की जा चुकी है। लेकिन नतीजा सिफर ही रहा है। जिला अस्पताल में तैनान चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को अस्पताल परिसर में आवास मुहैया कराने के लिए परिसर में कॉलोनी बनाई गई है, जिसमें करीब 96 आवास है। इन आवासीय कॉलोनी में करीब 40 फीसदी आवासों में बाहरी व्यक्ति किराए पर रह रहे। जो न तो चिकित्सक है न ही स्वास्थ्य कर्मचारी। नियमानुसार कॉलोनी में चिकित्सक, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टॉफ नर्स, वार्ड ब्याय, एक्सरे टेक्नीशियन, डार्क रूम टेक्नीशियन आदि मेडिकल स्टॉफ रह सकता है। लेकिन कई मेडिकल स्टॉफ ने आवास को नियमानुसार अलाट कराने के बाद बाहरी व्यक्तियों को किराए पर दे दिया है। कॉलोनी निवासी तथा फिजिशियन डॉ. शैलेष कुशवाह, लैब टेक्नीशियन अविनाश सिसौदिया और पंकज यादव ने बताया कि कॉलोनी में बाहरी व्यक्तियों के आवास को लेकर काफी दिक्कतें आती है। यहां आवासों में इन लोगों ने अस्थायी दुकानें बना ली हैं। जहां छोले, कुलचे, समोसे और पकौड़ी बेची जाती है। ऐसे में कालोनी मे अनधिकृत लोगों का जमावड़ा रहता है। कहा कि सीएमएस को समस्या से अवगत कराया जा चुका है फिर भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं है।
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