इस बार की होली गुलाबी ठंडक के बीच मनाई जाएगी। पिछले साल की तुलना में इस बार दस दिन पहले पर्व मनाया जाएगा। हालांकि बीते एक हफ्ते से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मौसम साफ होने से सुबह से ही धूप निकल आती है और शाम तक बनी रहती है। अभी दोपहर की धूप अप्रैल की गर्मी का अहसास करा रही है। सुबह और शाम को गुलाबी ठंडक बनी हुई है। वर्ष 2026 में होली का पावन पर्व पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दस दिन पहले, यानी दो मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को रंगों वाली होली मनाई जाएगी। यह होली सुहावनी गुलाबी ठंडक के बीच संपन्न होगी, जिसमें पूर्ण चंद्रग्रहण का दुर्लभ खगोलीय संयोग भी बना था। रंगों का त्योहार आमतौर पर फाल्गुन महीने की अंतिम पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। मंगलवार को अधिकतम तापमान में फिर से इजाफा दर्ज किया गया है। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय आर्द्रता 89 प्रतिशत थी जो शाम को घटकर 43 प्रतिशत रह गई। हवाओं की गति 16 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। जबकि बुधवार को हाली पर्व के दिन अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री होने की संभावना है। करीब 6 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। शहरों में जहां शाम से पहले रंगों की होली समाप्त हो जाती है, लेकिन गांवाें में होली देर रात तक चलती है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डाॅ. शैलेष कहते है कि इस बार की होली बीते साल की तुलना में पहले पड़ रही है। शाम के बाद होली से सभी को परहेज करना है। ज्यादा देर तक शरीर भीगने से नुकसान होगा।