मऊ। जिले में संक्रमण के बढ़ते एक्टिव केस को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अर्लट मोड पर है। विभाग इसकी रोकथाम को लेकर ‘फोर टी’ यानि ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण की नीति के क्रियान्वयन को लेकर कवायद में जुटा है। साथ ही जिले के नौ ब्लाकों की सभी आरआरटी टीमों को सक्रिय कर जांच करने का निर्देश दिया है। एंटीजन के साथ लैब की जांच के लिए रैपिड रिस्पांस टीम लगाई है। मिल रहे सक्रिय मरीजों की मानीटरिंग की जा रही है। कोविड को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों समीक्षा बैठक की थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग को संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए एक्टिव मोड पर रहने का निर्देश दिया था। उधर 16 जून के बाद बढ़ते सक्रिय केस को लेकर विभाग ने जिले में 24 रैपिड रिस्पांस टीम के साथ नौ ब्लाकों की 61 आरआरटी टीमों को अलर्ट कर दिया है। इन टीमों को प्रतिदिन 16 संदिग्धों की जांच करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें एक हजार आरटीपीसीआर जबकि 600 एंटीजेन जांचें शामिल हैं। लैब की जांच भी जिले के टडियांव लैब में ही हो रही है। सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि बढ़ते ग्राफ को लेकर विभाग ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण के क्रियान्वयन पर जोर देकर संक्रमण ग्राफ को नियंत्रित करने में जुटा है। स्वास्थ्य विभाग को शुक्रवार को 737 संदिग्धों की जांच रिपोर्ट मिली, इसमें तीन संक्रमित मिले। सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि 280 संदिग्धों की एंटीजेन से जांच में दो और ट्रूूनाट जांच में एक संक्रमित मरीज मिला। इन नए मरीजों से जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 10 पहुंच गई, इसमें नौ मरीजों का उपचार होम आईसोलेशन में चल रहा है। बताया कि जिले में अब कुल मरीजों की संख्या 9 हजार 38 पहुंच चुकी है। इसमें 8 हजार 942 मरीज रिकवर हो चुके है। 86 मरीजों की मौत हो चुकी है।