आसपास के जिलों में कोरोना के मरीज मिलने के साथ ही जिले में भी पॉजीटिव केस सामने आया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। जिले में चार स्थानों पर लगे ऑक्सीजन प्लांट में सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया गया है। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन का संकट गहरा गया था। जिसे लेकर मरीजों को ऑक्सीजन की किल्लत से बचाने के लिए जिले में चार ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की गई। कोरोना को देखते हुए कोपागंज के टड़ियांव में 100 शैय्या, परदहां में 50 शैय्या, मुहम्मदाबाद गोहना में 22 शैय्या तथा महिला अस्पताल में 100 शैय्या की क्षमता की पाइप लाइन बिछाई गई है। चारों ऑक्सीजन प्लांट में सभी व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त किया गया है।
जिले के मुहम्मदाबादगोहना में एक कोरोना पाजीटिव मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आसपास के घरों में एंटीजेन टेस्ट करने के साथ ही कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सावधानी का प्रयोग कर कोरोना से बचा जा सकता है। इसके लिए कोविड प्रोटोकाल का पालन करना होगा। मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
अस्पतालों में बेड तक पहुंचने वाली पाइप लाइन बिछाकर ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था की गई है। इस बाबत मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है।
इनसेट एंटीजेन टेस्ट में मिला था कोरोना पाजीटिव: मऊ। नगर स्थित जिला अस्पताल में एंटीजेन टेस्ट के दौरान गत तीन अप्रैल को मुहम्मदाबादगोहना ब्लाक क्षेत्र के भटरी गांव में मरीज मिला था। कोरोना पाजीटिव मरीज मिलने के बाद कांटेक्ट ट्रेसिंग कराई गई। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नजर रखी जा रही है।
इसके पूर्व मार्च माह मुहम्मदाबादगोहना ब्लाक क्षेत्र के नेवादा का मरीज एंटीजेन टेस्ट में मिला था। अब यह मरीज निगेटिव हो गया है।बताते चले कि कोरोना संक्रमण का इससे पहले आखिरी मरीज एक नवंबर 2022 में मिला था, उसके बाद से जिले में कोरोना मरीजों का आंकड़ा शून्य चल रहा था।