मऊ। जनपद को अब तक कोरोना मुक्त बनाए रखने के पीछ़े आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और एएनएम की कड़ी मेहनत है। लाकडाउन के समय जनपद की सीमाओं पर कड़ी चौकसी रखकर बाहर से आने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जो लोग बाहर से आए उनकी स्क्रीनिंग करके उन्हें स्क्रीनिंग कराकर क्वारंटाइन सेंटरों में रखा गया। उनकी नियमित जांच कराई गई सैंपल लिए गए। लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूक किया गया। लाउक डाउन का उल्लंघन करने वालों के विरद्ध कठोर कार्रवाई की गई। इसी का नतीजा है कि मऊ जनपद अब तक कोरोना वायरस से मुक्त है। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी बताते हैं कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए शासन की गाइड लाइन को जिले में पूरी सख्ती से लागू किया गया। शहरी से लेकर ग्रामीएा क्षेत्रों में आंगन बाड़ी , आशा और एएनएम के माध्यम से एक एक परिवार की जांच कराई गई। इस अवधि में आहर से आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग कराकर यह सुनिश्चित कियाग या कि उन्हें क्वारंटाइन करने की जरूरत है अथवा नहीं। जिन्हें क्वारंटीन करने की जरूरत महसूस हुई उन्हें क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया। इस अवधि में मिले जमातियों को भी पूरी सख्ती से क्वारंटाइन कराया गया। लोगों को इम्युनिटी पावर बढ़ाने के देशी नुस्खे बताए गए और उन पर अमल करया गया। लोगों को बताया गया कि तुलसी , कालीमिर्च , अदरक और अजवाइन का काढ़ा पीने की सलाह दी गई। आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से लोगों को सहजन के लड्डू से लेकर विभिन्न व्यांजनों की सलाह दी गई। जिले की सभी सीमाओं को पूरी मुस्तैदी से सील किया गय। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन कराया जा रहा है। लोगों को तांबे और फूल के बर्तनों में पानी पीने के लिए प्रेरित किया गया।रोजाना लोगों के सैंपल भेजे जा रहे हैं। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर 28 दिन पूरी होने के बाद क्वारंटाइन सेंटरों से घर भेजा जा रहा है।