मऊ। हज यात्रा पर जाने वाले जायरीन इस बार भी काशी से काबा की उड़ान होने के इंतजार में हैं। लेकिन अभी तक हज कमेटी से कोई गाइड लाइन न आने से वह मायूस हो चले हैं। इस साल जिले के 114 लोगों ने हज फार्म भरे हैं। साल 2019 में जिले से कुल 525 लोगों का चयन हज यात्रा के लिए हुआ था। इसके बाद संक्रमण के चलते 2020 और 2021 में हज यात्रा पर रोक लगा दी गई। ऐसे में कोई भी जायरीन हज यात्रा पर नहीं जा सका। हालात सुधरने पर इस साल हज यात्रा की आस उस समय जगी जब हज कमेटी ने यात्रा की घोषणा की और फार्म भरने की सूचना भेजी। ऐसे में 15 फरवरी फार्म भरने की अंतिम तिथि रखी गई। इस तिथि तक जिले में 114 लोगों ने हज यात्रा का आवेदन किया। मौलाना खुर्शीद अहमद कहते हैं कि संक्रमण के चलते हज यात्रा पर जाना नहीं हो पा रहा है। मौलवी इसरार कहते हैं कि सरकार को पहल करके हज यात्रियों की सुविधाओं में वृद्धि करनी चाहिए। जाकिर हुसैन और अध्यापक मुश्ताक अली मंसूरी कहते हैं कि सरकार को चाहिए कि कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए हज यात्रा पर जाने की इच्छा रखने वालों की सुविधा के लिए जरूरी कदम उठाए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह ने बताया कि संक्रमण के चलते वर्ष 2020 और 2021 में हज यात्रा बंद रही। इस बार 114 लोगों ने आवेदन किया है। लेकिन अभी तक हज कमेटी से कोई गाइड लाइन नहीं आई है।