कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला पेयजल स्वच्छता मिशन की बैठक को संबोधित करते जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश
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मऊ। भारत सरकार की तरफ से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक व्यक्ति को उसकी मूलभूत आवश्यकताओं के अनुरूप समुचित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन के लिए जिला पेयजल स्वच्छता मिशन की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। बैठक में ग्राम कार्य योजना एवं जनपद कार्य योजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से क्रियान्वित जल जीवन मिशन का प्रमुख उद्देश्य पाइप पेयजल योजनाओं से आच्छादित प्रदेश की समस्त ग्रामीण व्यक्तियो को मार्च 2024 तक पाइप पेयजल योजनाओं से आच्छादित करते हुए 55 एलपीसीडी सेवा स्तर मानक अनुसार क्रियाशील नल संयोजन के माध्यम से स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करना है। पाइप पेयजल योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्राम के अंदर आधारभूत संरचना लागत का दस प्रतिशत अथवा जिन ग्रामों में अनुसूचित जाति, जनजाति की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है, पांच प्रतिशत अंशदान समुदाय द्वारा किया जाना है। इसके लिए ग्रामस्तर पर अंशदान के लिए ग्राम पंचायत की सहमति ली जाती है। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देश दिया कि जनपद के सभी ग्राम प्रधानों को पत्र के माध्यम से अवगत किया जाए। साथ ही उन्हे पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के प्रति जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने ने बताया कि कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण के माध्यम से भी पेय जल एवं स्वच्छता के लिए प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, डीएफओ, अधिशासी अभियंता जल निगम, जिला सूचना अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।