एक मई मजदूर दिवस पर नगर में जुलूस निकालते भाकपा माले के कार्यकर्ता।संवाद
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मऊ। एक मई अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर श्रमिक संगठन ऐक्टू तथा भाकपा माले के तत्वाधान में शहर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। जुलूस निकाल कर श्रमिक एकता पर बल दिया गया तो वहीं गोष्ठी में वक्ताओं ने लोकतंत्र संविधान पर बुलडोजर चलाने केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप मढ़ा। सरकार को श्रमिक विरोधी बताया। रविवार को सुबह शहर के सदर चौक, मिर्जाहादीपुरा तिराहा, भीटी चौराहा और मुंशीपुरा ओवरब्रिज पर कार्यक्रम आयोजित किए। जिसमें सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ किया चर्चा, मजदूरों के बीच पर्चा वितरण भी किया गया। अपने संबोधन में भाकपा (माले) के जिला सचिव बसंत कुमार ने मजदूरों से कहा कि केंद्र-प्रदेश सरकार के बुलडोजर राज के खिलाफ और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करने का संकल्प लेना होगा। आज के दिन सन् 1886 में अमेरिका के शिकागो में मजदूरों ने अपने बलिदान से आठ घंटे का दिनऽ की जिस लड़ाई को जीतकर एक नये युग की शुरुआत की थी।कहा कि केंद्र सरकार ने पुन: 12 घंटे का दिन घोषित करके और श्रम कानूनों को खत्म करके गुलामी के प्रतीक 4 श्रम संहिताओं को लागू करके मजदूरों के सामने एक चुनौती पेश की है। कहा कि आज देश को कुछ बड़े औद्योगिक घरानों को सौंपा जा रहा है और इस साजिश के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करने के लिए साम्प्रदायिक विभाजन व दंगा-फसाद करवाकर गरीबों मजदूरों की एकता को तोड़ा जा रहा है। कहा कि बढ़ती महंगाई बेरोजगारी से बेरोजगार नौजवान और आम नागरिक का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।केंद्र सरकार की निजीकरण की नीतियों से देश के नौजवानों के भविष्य के सामने अंधेरा छा गया है। पर्चा वितरण में किसान संग्राम समिति के रामु प्रसाद, साम्राज्यवाद विरोधी मंच के बाबू रामपाल, जय प्रकाश धूमकेतु, माकपा के वीरेंद्र कुमार, एक्टू के जिला संयोजक शिव मूरत गुप्ता, विद्याधर कुशवाहा, मुन्ना, दुर्ग विजय, साधु यादव ,जोखू आदि शामिल रहे।
रतनपुरा ब्लाक पर मजदूर दिवस पर सम्मानित हुए मनरेगा मजदूर।संवाद- फोटो : MAU