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जिस परिवार में प्रेम रहता है वहीं अवतार लेते हैं भगवान

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मऊ। श्रीवैष्णो सेवा यात्रा समिति की तरफ से घोसी ब्लाक क्षेत्र के इब्राहिमाबाद सिपाह में चल रही राम कथा के छठवें दिन बृहस्पतिवार को मानस मंदाकिनी रागिनी सरस्वती ने कहा कि कहा कि जिस परिवार में प्रेम रहता है भगवान वहीं अवतार लेते हैं। श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराते हुए कथा वाचिका ने कहा कि मन कर्म वचन की सुई जब एक जगह हो तभी राम मिलेंगे। जितना मन में हो उतना ही वचन में तथा ठीक कर्म भी उसी के अनुकूल होना चाहिए। कहा कि श्री राम को दिखावा या पाखंड पसंद नहीं उन्हें निर्मल मन से ही पाया जा सकता है। कहा कि भगवान अवध में अवतार लेते हैं क्योंकि अवध का अर्थ अ+वध जिसका कभी वध न हो। आत्मा कभी मरती नहीं है इसलिए भगवान अवध में अवतार लेते है।कलियुग में पाप को मिटाने का सर्वोत्तम उपाय नाम जप है, जो रामचरित मानस के पाठ और राम कथा श्रवण से सुलभ हो जाता है। कहा कि रामकथा एक ऐसा ग्रंथ है जिससे आपसी कटुता समाप्त होकर समरसता फैलती है। कहा कि मानव का कल्याण उसकी मानवता पर निर्भर करता है। लेकिन मानवता क्या है समाज आज इससे भटक रहा है। जन्म जन्मांतरों की पूंजी जब इकट्ठी होती है तो संतों का दर्शन मिलता है। सत्संग बड़ा दुर्लभ है।
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