दुष्कर्म के मामले में फंसे घोसी सीट से बसपा के नवनिर्वाचित सांसद अतुल राय की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। 27 मई को सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी से बचने की दायर याचिका पर सुनवाई होनी थी। जो सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो गई। आपको बता दें कि याचिका अतुल राय के वकील ने ही सुप्रीम कोर्ट से खारिज कराई थी।
घोसी सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अतुल राय पर एक युवती ने बालात्कार का आरोप लगाते हुए, वाराणसी के लंका थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए अतुल राय ने हाईकोर्ट में अपील की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 8 मई को अतुल राय की याचिका को खारिज कर दिया था। इस पर अतुल राय ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
17 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नही हो पाई, इस पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 27 मई की डेट निर्धारित की थी। इस बीच हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए 30 मई की तारीख निर्धारित कर दी। नवनिर्वाचित सांसद अतुल राय के चचेरे भाई अभिनव राय ने बताया कि हाई कोर्ट में 30 मई को डेट तय होने पर उनके अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका को खारिज कराया, क्योंकि यदि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होती तो हाई कोर्ट में सुनवाई प्रभावित होती।