बुजुर्ग मतदाताओं में दिखा मतदान उत्साह
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इस बार भी प्रथम श्रेणी में पास नहीं हो सके मतदाता
उपचुनाव को लेकर जिस तरह से भाजपा-सपा प्रत्याशी के पक्ष में दोनों पार्टी ने प्रचार को लेकर रणनीति तैयार की थी। उससे मतदान को लेकर मतदान का ग्राफ बढ़ने की संभावना थी, लेकिन इस बार भी घोसी के मतदाता प्रथम श्रेणी में उत्तीण नहीं हो सके। जहां बीते वर्ष 2022 में इस सीट पर 56.87 फीसदी मतदान हुआ था। वहीं वर्ष 2019 में 51.93 तो 2017 में 58.89 मतदान हुआ था। यानी 2017 से पांच सितंबर 2023 तक हुए चार विधानसभा चुनाव में एक बार भी घोसी में 60 फीसदी का मतदान नहीं हुआ है।
चार चरण तक दिखी रफ्तार, फिर थमता गया ग्राफ
मतदान के प्रतिशत पर नजर डालें तो सुबह 7 से 9 बजे तक मतदान का प्रतिशत 9.12 रहा। वहीं पूर्वाह्न 9 बजे से लेकर पूर्वाह्न 11 तक कुल 21.5 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। इसके बाद मतदान में कुछ तेजी आई और पूर्वाह्न 11 से लेकर अपराह्न 1 बजे तक कुल 33.52 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। वहीं अपराह्न 1 बजे से लेकर अपराह्न 3 बजे तक कुल 43.24 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। तथा अपराह्न 3 बजे से लेकर अपराह्न 6 बजे तक कुल 50.30 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया।