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सड़क के किनारे डंप किया जा रहा कूड़ा

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कोपागंज। नगर पंचायत प्रशासन की तरफ से क्षेत्र के चेरुइया गांव में समय सीमा बीत जाने के बाद भी ठोस अपशिष्ट निस्तारण प्रबंध प्लांट (कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट) नहीं लगाया जा सका है। शासन से आई मशीनें शो पीस बनकर रह गई है। हालत यह है कि नगर पंचायत से निकलने वाले कूड़े को राष्ट्रीय राजमार्ग पर फेंका जा रहा है। इससे उठ रही दुर्गंध लोगों को परेशान कर रही है। नगर पंचायत में कुल 17 वार्ड हैं। नगर पंचायत टाउन एरिया द्वारा जगह जगह से कूड़ा उठाने के लिए दो ट्रैक्टर ट्रालियों के अलावा छोटे बड़े कई वाहन तथा सात रिक्शा ट्रालिया है। इसके अलावा 26 नियमित ,29 संविदा व ठेके के माध्यम से 37 सफाई कर्मचारी है। कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन भी खरीद ली गई है। बावजूद इसके प्रतिदिन सुबह से लेकर देर शाम तक सफाई कर्मचारियों द्वारा कूड़ा उठाकर इधर-उधर फेंका जाता है ।नगर से प्रतिदिन 1. 40 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। नगर से निकलने वाले कूड़े को उक्त जमीन पर नहीं फेकते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों तरफ पटरियों पर, रेलवे लाइन के किनारे फेंका जाता है। उससे निकलने वाली दुर्गंध से आस पास के लोगों को जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। कूड़ा निस्तारण के लिए फ़रवरी माह में डंपिंग ग्राउंड का कार्य प्रारंभ हुआ तो लोगो में कूड़ा निस्तारण की समस्या से निजात मिलने की आस जगी। नगर पंचायत की तरफ से डंपिंग ग्राउंड के साथ साथ इसमें करीब एक करोड़ की लागत से ठोस अपशिष्ट निस्तारण प्रबंध प्लांट (कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाना है । मशीन भी आ चुकी है। मार्च माह के आखिरी सप्ताह में कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट चालू हो जाना था, लेकिन डंपिंग ग्राउंड के निर्माण की गति धीमी होने के चलते कूड़ा निस्तारण की समस्या दूर नहीं हो सकी। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी जय प्रकाश यादव का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड का बेस बनाने में समय लग रहा है। जल्द ही कार्य पूर्ण हो जाएगा।
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