सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट/ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति भूषण ने मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और गाली देने के 24 वर्ष पुराने मामले में नामजद चार आरोपियों को सुनवाई के बाद दोषी पाया। सभी को एक वर्ष तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए परिवीक्षा पर छोड़ दिया। अभियोजन के अनुसार दोहरीघाट थाना क्षेत्र के रेयांव गांव निवासी शामू पुत्र गंगादीन की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 18 अक्तूबर 1999 को अपनी लड़की सुनीता के साथ दवा लेने अतरसावा जा रहा था। इसी दौरान गांव के ही ओमप्रकाश पुत्र सुधीर, लोदई पुत्र रामलाल, महेंद पुत्र पुरुषोत्तम और कैलाश पुत्र सुद्धू मिले। सभी ने मिलकर दोनों लाठी डंडे से मार-पीटकर घायल कर दिया।
वादी के तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना की। ओमप्रकाश, लोदई ,महेंद्र और कैलाश के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक अभियोजन अधिकारी ने दो गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
एसीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण ओम प्रकाश, लोदई, महेद्र व कैलाश को मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने और गालीगलौज करने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को एक वर्ष तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए परिवीक्षा पर छोड़ दिया।