फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: रामपुर कारतूस कांड के दोषियों में मऊ के भी चार शामिल

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। कारतूस घोटाले में कोर्ट ने सभी दोषियों को 10 साल की सजा सुनाई है। इनमें 20 पुलिस, पीएसी और सीआरपीएफ के जवान हैं जबकि चार सिविलियन हैं। इसमें जिले के भी चार लोगों के नाम सामने आए थे। शुक्रवार को कोर्ट का फैसला आने के बाद जनपद में सभी चारों दोषियों के घरों पहले जैसा ही माहौल था। हालांकि दो के घरों में ताला बंद पाया गया, जबकि एक रामपुर जेल में बंद है। वहीं रानीपुर थाना क्षेत्र के विनोद सिंह के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बढुआ गोदाम : रामपुर कारतूस घोटाले में 13 साल बाद कोर्ट ने जिन 24 दोषियों को सजा सुनाई है, उनमें सरायलखंसी थाना क्षेत्र के रैकवारेडीह गांव निवासी अखिलेश कुमार पांडेय भी शामिल है। वह पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर थे। वर्तमान में अखिलेश कुमार सेवानिवृत्त होकर गोरखपुर के बिछिया में घर बनवाकर परिवार के साथ रहते हैं। इनके पिता स्व. भागीरथी पांडेय भी पुलिस विभाग में थे। चार भाइयों में अखिलेश सबसे बड़े हैं। इनके दो भाई सेना से सेवानिवृत हो चुके हैं। इनकी दो लड़कियां और एक लड़के हैं, जिनकी शादी हो गई है। बेटा प्राइवेट नौकरी करता है। इस समय गांव के घर पर ताला लगा हुआ है। गांव के लोगों ने बताया कि उनकी मां कभी-कभी गांव आती हैं। रामपुर के कारतूस कांड में हलधरपुर थाना क्षेत्र के जगदीपुर ग्राम पंचायत निवासी दिलीप कुमार और आकाश कुमार को भी न्यायालय ने दोषी करार दिया है। शुक्रवार को कोर्ट का आदेश आने के बाद गांव में चर्चाएं हो रही है। दिलीप कुमार अविवाहित है जबकि इनके पिता चंद्रमा राम सीआरपीएफ में कार्यरत हैं। इस समय वह रामपुर जेल में बंद है। वहीं, आकाश कुमार कारतूस कांड के मुकदमे में एक हफ्ते पहले रामपुर गया था। अभी उनके घर पर ताला बंद है। आकाश के पिता हरिश्चंद्र कोल फील्ड से सेवानिवृत हो चुके हैं। कारतूस कांड का तीसरा अभियुक्त गाजीपुर जनपद के बिरनो थाना अंतर्गत बधोपुर ग्राम का निवासी है और उसका ननिहाल जगदीपुर गांव में है। यह अपने ननिहाल में ही रहता था। वहीं, चौथा दोषी रानीपुर थाना क्षेत्र निवासी विनोद सिंह का परिवार पिछले कई वर्ष से गांव छोड़कर बाहर चला गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें