मऊ। जनवरी में लगभग 23 दिनों तक शीतलहर और कोहरा का प्रकोप रहने के चलते दलहन तथा सब्जी की फसल पर असर पड़ा है। लगातार चार दिनाें से धूप निकलने के चलते आम लोगों के साथ किसानों ने भी राहत की सांस ली है।
बृहस्पतिवार को तड़के शीतलहर का कहर जारी रहा। सुबह के समय आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही धूप निकली तो लोगों को राहत मिली। तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। जनवरी में लगभग 23 दिनों तक शीतलहर तथा कोहरे के कहर के चलते लोगों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ा। शीतलहर तथा कोहरे के कहर से जिले में दोहरीघाट ब्लॉक क्षेत्र के गोठा, कुसुम्हा, कोरौली सहित 10 गांवों की 200 एकड़ से अधिक आलू की फसल नष्ट हो गई है। प्याज की नर्सरी भी खराब हो गई है। लागत डूब जाने से किसानों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इसके साथ ही टमाटर, फूलगोभी सहित दलहनी फसलों पर असर पड़ा है। इस संबंध में स्वयंसेवी संस्था नेफोर्ड के जिला प्रभारी तथा कृषि विशेषज्ञ संतोष कुमार मिश्र का कहना है कि जनवरी में शीतलहर तथा कोहरे के प्रकोप के चलते सब्जी सहित दलहनी फसल पर असर पड़ा है। गेहूं के फसल के ग्रोथ अपेक्षाकृत कम हुआ है। लगभग चार दिन से धूप निकलने से राहत मिली है।