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देवारा क्षेत्र के 50 से अधिक स्कूलों में घुसा बाढ़ का पानी

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मधुबन। शिक्षा क्षेत्र फतेहपुर मंडाव ब्लाक के 50 से ज्यादा स्कूलों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे विद्यालयों के अभिलेखों और संसाधनों को बचाने की चुनौती आ गई है। बाढ़ के चलते सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। विद्यालयों में पानी भरने के साथ ही स्कूल जाने वाले मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं। स्कूलों के अभिलेखों को सुरक्षित रखने में शिक्षकों को मशक्कत करनी पड़ रही है। शिक्षक किसी तरीके से जरूरी रजिस्टर और सामान को सुरक्षित कर रहे हैं। कुछ जगहों पर तो नाव के सहारे अभिलेखों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ स्कूल के संसाधनों की क्षति की आशंका है। बाढ़ के चलते भवन को तो नुकसान पहुंच ही रहा है, बच्चों को बैठने वाले फर्नीचर भी पानी में डूब गए हैं। जिन स्कूलों में बाढ़ का पानी ज्यादा है, वहां के फर्नीचर को काफी नुकसान होने की संभावना है। फतेहपुर मंडाव शिक्षा क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय बिंदटोलिया, धर्मपुर, चक्की मुसादोही, चौहानपुर, खैरा देवारा आदि समेत 50 से अधिक नीजी स्कूलों में चार से पांच फीट तक पानी घुस गया है। इन विद्यालय में मौजूद संसाधनों की, बाढ़ के चलते अधिक क्षति हो रही है। शिक्षा क्षेत्र फतेहपुर मंडाव के दुबारी, गजियापुर व नेवादा गोपालपुर न्याय पंचायत के विद्यालय सबसे अधिक प्रभावित है। खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ से राहत के बाद ही पढ़ाई शुरू हो सकेगी। इन्हीं क्षेत्रों में नेटवर्क की बदहाली के चलते इन विद्यालयों के बच्चे ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने में पीछे रह जाते हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विद्यालयों को 18 अक्टूबर तक बंद कर दिया गया है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि बाढ़ की विभीषिका में लोगों का सहयोग करें।
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