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खतरा निशान से 60 सेमी ऊपर बह रही नदी

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दुबारी क्षेत्र के गजियापुर से नदी तक मार्ग डूबने के कारण तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीण नांव से चारा - फोटो : MAU
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दोहरीघाट/दुुबारी। नेपाल द्वारा सरयू नदी में पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। 24 घंटे में जलस्तर में 25 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 60 सेमी ऊपर बह रही है। ऐसे नदी के रौद्र रुप से जहां तटवर्ती इलाके लोगों की बेचैनी बढ़ गई है तो वहीं दोहरीघाट कस्बा सहित ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। गौरीशंकर घाट पर सोमवार को नदी का जस्तर 70.50 मीटर रहा। जबकि रविवार को जल स्तर 70.25 मीटर रहा। 24 घंटे में नदी का जलस्तर 25 सेंटीमीटर बढ़ा। नदी के बढ़ते वेग से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा कुटी, साईं बाबा का मंदिर, दुर्गा मंदिर, डीह बाबा का मंदिर ,हनुमान मंदिर, लोक निर्माण विभाग, शाही मस्जिद खतरे की जद में आ गए हैं। भारत माता मंदिर पर सरयू की तेज लहरे टक्कर मार रही है। वही नगर की सुरक्षा के लिए लगाए गए बोल्डर भी खिसकने लगे हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों के हजारों एकड़ फसल पानी में डूब गई हैं। तीसरी बार सरयू खतरा बिंदु पार करने से किसानों के अपनी फसल बर्बाद होने की आशंका से उनकी रातों की नींद गायब हो गई हैं। धनौली लोहड़ा बंधा, नौली, चिउतीडाड़, रिंग बंधा, बीवीपुर बेलौली बंधे पर सरयू का पानी पहुंचकर टक्कर मार रहा है। जिससे बंधों पर खतरा बढ़ गया है। मधुबन तहसील क्षेत्र के उत्तरी दिशा की ओर सरयू नदी का जलस्तर तटवर्ती क्षेत्र में कटान भी शुरू हो गया है। फसल जलजमग्न होने से पशुओं के चारा का संकट बढ़ गया है।
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