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बाढ़ से तारनपुर गांव की 275 एकड़ फसल बर्बाद

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दोहरीघाट ब्लॉक के तारनपुर गांव में बाढ़ के पानी से घिरी फसल। - फोटो : MAU
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कुसुम्हा। घाघरा में आई बाढ़ तथा आजमगढ़ जिले के घाघरा नदी का बंधा टूटने से दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र का तारनपुर गांव में बाढ़ से 275 एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। ऐसे में पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासन की तरफ से मात्र दो नाव की व्यवस्था की जा सकी है। जिससे लोगों को जान जोखिम में डालकर आना जाना पड़ रहा है। शासन की तरफ से दी जा रही राहत सामग्री नाकाफी है। तारनपुर गांव की आबादी 2100 है। गांव में धान व गन्ने की खेती की गई है। यह गांव शारदा सहायक खंड 32 नहर के उत्तर तथा गोठा फोर लेन बंधे के दक्षिण तरफ स्थित है। घाघरा में आई बाढ़ तथा आजमगढ़ जिले के घाघरा नदी का बंधा टूटने से बाढ़ का पानी गांव में जमा होने से लोगों को तमाम दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। फोर लेन सड़क में पुलिया न होने से पानी का निकास नहीं हो सका। इसके चलते गांव घाघरा की जद में आ चुका है। ग्रामीणों के अनुसार प्रशासन के तरफ से अब तक पूरे गांव में न ही राशन किट की व्यवस्था की जा सकी है और न कोई भी सहायता दी गई। रोजी रोजगार ठप होने से किसान आर्थिक तंगी का सामना कर रहे। जलजमाव से उठ रही दुर्गंध से जीना मुश्किल है। अभी तक फागिंग नहीं कराई गई है। ग्रामीणों ने बताया कि धान, गन्ना की फसल डूबकर नष्ट हो जाने से गुड़, भेली, चावल सहित अन्य खाद्य सामग्री खरीदना पड़ेगा। कर्ज लेकर फसल लगाई थी। बाढ़ से पूरी फसल बर्बाद हो गई है। अब कर्ज चुकाने की चिंता है।
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