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बाढ़ ः ब्लॉक क्षेत्र के स्कूल-कॉलेज दो दिनों के लिए बंद

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दोहरीघाट/दुबारी। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से दोहरीघाट सहित मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाकों में हाहाकार मचा है। भारतमाता मंदिर की सुरक्षा के लिए लगाए गए बोल्डर खिसकने लगे हैं। जबकि बाढ़ की स्थित को देखते हुए फतहपुर मंडाव ब्लॉक क्षेत्र के नर्सरी से लेकर महाविद्यालय तक की शिक्षण संस्थाओं को 12 से 14 अक्तूबर तक दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। बाढ़ के चलते पानी से घिरे गांवों में पशुओं के चारे का संकट गहरा गया है। सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटवर्ती इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। नदी के किनारे श्मशान घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक पिंचिग की गई है। बोल्डर नदी की धारा में विलीन होने लगे हैं। मंगलवार को नदी के जलस्तर में 25 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का जलस्तर 70.75 मीटर रिकार्ड किया गया। सोमवार को नदी का जलस्तर 70.50 मीटर रहा। जबकि नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। भारत माता मंदिर पर नदी का दबाव बढ़ने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरो पर खतरा बढ़ता जा रहा है। जिससे धनौली रामपुर नई बाजार, नवली, बहादुर, पतनई, सरया, ठाकुरगांव, बीवीपुर, ताहिरपुर, सरासो, पाऊस, गोधनी, कोरौली, ठिकरहिया, महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित देवारा इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हजारों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं। जानकार बताते हैं कि 1998 में आई बाढ़ के समय नदी का जलस्तर 71.27 मीटर था। अगर यही स्थिति बरकरार रही तो एक दो दिन के अंदर 998 में आई भीषण त्रासदी हो सकती है। अपर जिलाधिकारी बीपी सिंह और डीआईओएस देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश तथा सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर विकासखंड फतेहपुर मंडाव स्थित नर्सरी से लेकर महाविद्यालय स्तर तक के समस्त विद्यालय 12 से 14 अक्तूबर तक बंद रहेंगे। यह क्षेत्र सर्वाधिक बाढ़ग्रस्त वाला इलाका है।

सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद दुबारी क्षेत्र के नन्द की पुरा से भगत पुरा तक आते ग्रामीण।संवाद- फोटो : MAU

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