अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक अशोक कुमार ने मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में नामजद चार दोषियों में से एक को पांच और बाकी को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही 10 और दो-दो हजार का जुर्माना भी लगाया। मामला रानीपुर थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, मंडुसरा गांव निवासी ऋषि कुमार सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें गांव के ही मिथिलेश सिंह, प्रदीप सिंह, रणधीर सिंह और शिव बचन सिंह को आरोपी बनाया गया। वादी का आरोप था कि 15 जुलाई 2014 की रात 8:30 बजे वह अपने दरवाजे पर बैठे थे। उसी दौरान आरोपीगण आए और लाठी, डंडा से उसे तथा उसके पिता बांके बहादुर सिंह तथा माता सावित्री देवी को मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए प्रभारी डीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह और एडीजीसी फौजदारी नंदलाल भारती ने छह गवाह पेश किए।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी मिथिलेश सिंह को गैर इरादतन हत्या के प्रयास का दोषी पाया। वही अभियुक्तगण प्रदीप सिंह, रणधीर सिंह और शिव बचन सिंह को मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने तथा धमकी देने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद मिथिलेश सिंह को गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में पांच साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि प्रदीप सिंह रणधीर सिंह और शिव बचन सिंह को तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा की।