मऊ। विशेष न्यायाधीश एससी/ एसटी एक्ट हर्ष अग्रवाल ने मारपीट के क्रॉस केस मामले में नामजद कुल 13 लोगों में एक पक्ष के पांच लोगों को गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ ही कुल 5-5 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। वहीं दूसरे पक्ष के सात लोगों को मारपीट, गाली व धमकी देने के मामले में दोषी पाते हुए दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ ही 2-2 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। एक आरोपी की दौरान विचारण मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बरलाई गांव का है।
बरलाई गांव में दो पक्षों में पुरानी रंजिश को लेकर 20 दिसंबर 2008 अपराह्न तीन बजे मारपीट हुई। इसमें एक पक्ष की घायल प्रभावती देवी की मौत हो गई। इसमें गजेंद्र कुमार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। जिसमें कैलाश चौहान, मगर चौहान, हरी चौहान, दुर्ग विजय चौहान और सामा चौहान को आरोपी बनाया गया। वहीं दूसरे पक्ष के कैलाश चौहान की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। जिसमें देवनाथ राम, राजकुमार राम, जितेंद्र राम, गजेंद्र राम, संजीव कुमार, उदयी उर्फ उदयभान, महेंद्र और दुर्गा को नामजद किया गया। एक पक्ष के प्रभावती देवी, घुरपत्तर, अमित, राजकुमार, जितेंद्र, संजीव को चोंटेे आई। इलाज के दौरान प्रभावती देवी की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों मामलोंं में विवेचना के बाद आरोप पत्र जमा किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र नाथ राय और अखिलेश कुमार सिंह ने एक पक्ष से आठ और दूसरे पक्ष से सात गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से एक दूसरे के क्रॉस केस का हवाला देते हुए झूठा फंसाए जाने का आरोप लगाया गया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन के बाद एक पक्ष के कैलाश चौहान, मगर चौहान, हरी चौहान, दुर्ग विजय चौहान और सामा चौहान को गैरइरादतन हत्या, गैर इरादतन हत्या का प्रयास, मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने, बलवा, गाली और धमकी देने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को गैर इरादतन हत्या के मामले में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ ही 3-3 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में 7-7 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा का निर्णय सुनाया। मारपीट मामले में एक-एक वर्ष, गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में 7-7 वर्ष की सजा के साथ ही 2-2 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। वहीं बलवा और गाली देने के मामले में दो-दो वर्ष की सजा, धमकी देने के मामले में 7-7 वर्ष का सश्रम की सजा का निर्णय सुनाया।
आरोपियों को एसएसी/एसटी मामले में दोष मुक्त
सभी आरोपियों को एससी/ एसटी मामले में दोष मुक्त कर दिया। वहीं दूसरे पक्ष के देवनाथ राम, जितेंद्र राम, गजेंद्र राम, संजीव कुमार, उदयी उर्फ उदयभान, महेंद्र और दुर्गा को मारपीट, गाली व धमकी देने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को गाली व धमकी देने के मामले में दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और मारपीट मामले में एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही 2-2 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। आरोपी राजकुमार राम की दौरान विचारण मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमें की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।