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छात्रों के जीवन के पहले 6 वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण: डायट प्राचार्य

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मधुबन। नगर पंचायत के नहर रोड स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र पर बृहस्पतिवार को कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसमें नई शिक्षा नीति के तहत बेसिक शिक्षकों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के बारे में जागरूक किया गया।15 बैच में 40-40 शिक्षकों को चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के छठवां बैच के प्रशिक्षण का बृहस्पतिवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण में डायट प्राचार्य हरि सिंह शाक्य ने शिक्षकों से प्रशिक्षण से संबंधित फीडबैक लिए साथ ही शिक्षको को बताया कि छात्रों के जीवन के पहले छह वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इन वर्षों में छात्र बहुत कुछ सीख सकते हैं तथा भाषाओं और संख्यायों का ज्ञान इस उम्र में प्राप्त करने से जीवनपर्यंत काम आता है। बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 में बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान तथा भाषा शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। वहीं एआरपी व प्रशिक्षक रणंजय मल्ल, आशीष कुमार पाण्डेय, शंभू प्रसाद ने पीपीटी के द्वारा बुनियादी संख्या ज्ञान की अवधारणा, कौशल व सीखने के क्रम की जानकारी दी। प्रशिक्षक जमील अहमद, हरी लाल, संतोष गुप्त ने निपुण भारत, डिकोडिंग, पठन, लेखन विकास व आकलन पर चर्चा की। छठे बैच के इस प्रशिक्षण में दो बैच में 80 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। बीईओ शेष बहादूर सरोज ने बताया कि 28 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में 587 बेसिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों के 15 बैच बनाए गए हैं।
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