मऊ। गर्मी बढ़ने के साथ ही आगलगी की घटनाएं बढ़ गई हैं। हर दिन जिले के किसी भी हिस्से में किसी किसी न कारण से आग लग जाती है। बीते 15 दिनों में जिले के विभिन्न हिस्सों में आग लगने से 10 से अधिक मड़ईयां, उसमें रखे सामान, अनाज, पशुओं के लिए रखा चारा भूसा, पांच गुमटियां और लगभग 150 बीघे से अधिक गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आगलगी की ये सभी घटनाएं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई हैं। शनिवार देर रात हलधपुर के दतौड़ा और रानीपुर के सोनिसा गांव में शॉट सर्किट से आग लग गई। रतनपुरा संवाददाता के अनुसार: हलधरपुर थाना क्षेत्र के दतौड़ा गांव के चौहान बस्ती में शनिवार देर रात तीन बजे शॉट सर्किट से आग लग गई। आग बुझाने तक तीन मड़ईयां जल गईं और उसमें बंधी दो गायें झुलसकर मर गईं जबकि दो बुरी तरह झुलस गईं। दो मड़ईयों में रखा लगभग 30 मन भूसा जल गया। गांव के शिवनाथ चौहान दो खोह बनाकर उसमें 30 मन भूसा रखे हुए थे और एक मड़ई में उनकी चार गायें बंधी थीं। भोर में तीन बजे अचानक उसमें से आग की लपटें उठने लगीं। जब तक परिजन और ग्रामीण नींद से जागते तीनों मड़ईयां धूं-धूं कर जलने लगी। ग्रामीणों ने किसी तरह अंदर से दो गायों को बाहर निकाला। जबकि पहले से ही दो गायें गिरकर मर चुकी थीं। रानीपुर संवाददाता के अनुसार शनिवार देर रात लगभग एक बजे शॉट सर्किट से सोनिसा गांव में मड़ाई के लिए रखी गेहूं की फसल में आग लग गई। जिसमें छह मंडा खेत की फसल जल गई। सोनिसा गांव निवासी रामवृक्ष के खेत में छह मंडा गेहूं की फसल काटकर मड़ाई के लिए रखा हुआ था। पीड़ित का कहना है कि खेत ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरा है। स्पार्किंग होने से निकली चिंगारी से फसल में आग लगी है। आग की लपटें उठती देख जब तक ग्रामीण वहां पहुंचते पूरी फसल जल चुकी थी। मौके पर पहुंचकर लेकपाल ने जांच रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजा।