घटना के करीब तीन घंटे बाद सचिन को होश आया तो उसने मोबाइल से परिजनों को हमले के बार में जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने आननफानन उसे फतेहपुर मंडाव सीएचसी पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस दोनों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है। इस बाबत एसओ मधुबन सुदेश कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।
जिला अस्पताल में भर्ती सचिन ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके चाचा अपने बेटे को किसी बात को लेकर डांट रहे थे। इसी बीच आरोपी युवक सनी की बहन इसका वीडियो बनाने लगी। जो उसे नागवार गुजरा और उसने विरोध करते हुए मना कर दिया।
इसकी जानकारी होने पर सनी और उसके पिता राजेंद्र ने उसे बहुत बुरा भला कहने के साथ जान से मारने की धमकी दी। एक सप्ताह तक कुछ न होने के बाद वह इससे बेफिक्र हो गया था। कहा कि नहीं पता था कि छोटी सी बात में मुझपर ऐसा जानलेवा हमला होगा। बताया कि आरोपी राजेंद्र गोरखपुर में किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थकर्मी के पद पर तैनात है।