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प्राकृतिक खेती से किसान दोगुनी करें आमदनी

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हलधरपुर। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी सभागार में मंगलवार को किसान मेला और कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों एवं किसानों के मध्य संवाद स्थापित कर किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया। 20 किसानों को सम्मानित किया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रभारी डॉ. एलसी वर्मा ने किसानों को प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती के बीच अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया कि प्राकृतिक खेती ही स्वस्थ मृदा का मूल आधार है। किसानों के बीच मे जायद की 13 प्रकार की सब्जियों का बीज 90 प्रतिशत अनुदान पर वितरित किया गया। नवीन कृषि पद्धतियां एवं प्राकृतिक खेती ही किसानों की आमदनी दोगुनी कर सकती है। किसान खेती के साथ साथ मुर्गीपालन, बकरी पालन, मशरूम का उत्पादन कर आत्म निर्भर बन सकता है। मुख्य अतिथि रतनपुरा ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि कृष्णा राजभर ने भी विचार रखे। डॉ. वीके सिंह ने जैविक विधि द्वारा मुर्गीपालन और बकरी पालन करने पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि एसपी श्रीवास्तव ने कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में किसानों को जानकारी दी। सह- निदेशक मत्स्य डॉ. ऋचा चौधरी ने कहा कि खेेती के साथ किसान मछली पालन कर लाभ कमा सकते हैं और विभाग द्वारा चल रही योजनाओं के विषय में किसानों को अवगत कराया।
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