घोसी। किसान सहकारी चीनी मिल में सोमवार शाम गन्ना तौल और पर्ची वितरण में अनियमितता का आरोप लगाकर किसानों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। चीनी मिल कर्मचारियों और किसानों से काफी देर तक नोक झोंक हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों और चीनी मिल के कर्मचारियों से बात करके मामला शांत कराने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। मंगलवार सुबह तक गन्ना लदी ट्राॅलियां हाईवे पर खड़ी रहीं। प्रदर्शन कर रहे विजय यादव, झिनक यादव, वीरबहादुर यादव, अखिलेश यादव, नागेंद्र यादव और मोतीचंद ने बताया कि गन्ने के अभाव में चीनी मिल कुछ ही दिन में बंद हो सकती है। बावजूद मिल प्रशासन गन्ना लेने से मना कर रहा है। जबकि किसान 10 से 12 दिन पहले ही खेत से गन्ना कटवाकर तौल का इंतजार कर रहे हैं। जड़ में मिट्टी लगने और गन्ना सूखा होने की बात कहकर बीते सोमवार सुबह 100 ट्राॅली गन्ने को रोक दिया। मिल प्रबंधन गन्ने को गंदा बताकर तौल के समय हर ट्राॅली से पांच क्विंटल गन्ने की कटौती की जा रही है। जो किसान सहमत नहीं हो रहे उनके गन्ने की ताैल नहीं की जा रही है।
कोट
खराब और सूखे गन्ने की तौल नहीं होगी। साफ सुथरा गन्ना लाने पर ही तौल किया जा रहा है। जबकि किसान गंदे गन्ने की तौल कराने की जिद पर अड़े हैं।
शैलेंद्र अस्थाना, प्रधान प्रबंधक, किसान चीनी मिल