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Mau News: आढ़तियों को गेहूं बेच रहे हैं किसान, समितियों पर सन्नाटा

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ब्लाक क्षेत्र में स्थापित गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद धीमी गति से चल रही है। गेहूं क्रय केंद्रों पर सन्नाटा की स्थिति है। 24 दिन बाद भी दो क्रय केंद्रों पर मात्र 2967 क्विंटल गेहूं ही खरीद हुई है। वहीं दो पर अब तक बोहनी ही नहीं हो पाई है। किसानों का कहना है कि सहकारी क्रय केंद्रों से अच्छा मूल्य आढ़तियों से मिल रहा है। आढ़तिया नकद भुगतान कर घर से ही गेहूं उठा ले रहे हैं। इससे केंद्र तक उपज को भी नहीं लेकर जाना पड़ रहा। शासन ने रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र में एफसीआई गोदाम रतनपुरा, साधन सहकारी समिति पहसा मोईदीनपुर, साधन सहकारी समिति अईलख एवं साधन सहकारी समिति छिछोर को गेहूं क्रय केंद्र बनाया गया है। सबसे अधिक 46 किसानों से 2230 क्विंटल गेहूं की खरीद रतनपुरा विपणन केंद्र पर हुई है।
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साधन सहकारी समिति पहसा मोईिदनपुर पर 760 क्विंटल की खरीद की गई है, लेकिन बोराें के अभाव में खरीद बंद है। वहीं, साधन सहकारी अइलख और साधन सहकारी समिति छिछोर पर एक भी किसान से गेहूं क्रय नहीं किया गया है। समिति और विपणन केंद्र पर गेहूं नहीं बेचने का करण बताते हुए प्रमोद कुमार यादव, बब्बन सिंह, अमृत यादव, संजय सिंह, रामध्यान पाल का कहना था कि गेहूं का सरकारी मूल्य 2125 रुपए क्विंटल है।
वहीं, क्रय केंद्रों पर गेहूं पहुंचाने में प्रति ट्राली एक से डेढ़ हजार रुपए खर्च होता है। जबकि आढ़तिए और व्यापारी सरकारी दर पर नकदी भुगतान कर घर से ही अनाज उठा ले जाते हैं। वहीं, क्षेत्र के कुछ बड़े किसानों का कहना है कि बेमौसम की हुई बारिश से फसल का नुकसान होने से गेहूं का भंडारण कर मूल्य बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।
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