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किसान अंजान निकल गया ट्रैक्टर का लोन

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मऊ। दोहरीघाट क्षेत्र के सूरजपुर के कई गांवों के किसानों के नाम से बैंकों से लोन निकाल लिए गए । कर्जदार को कई साल बाद तब जानकारी हुई जब बैंक के अधिकारी उनके घर तगादा करने आ धमके। एक किसान, उसकी मां और पिता के नाम से लोन निकाल लिया गया। जालसाजों ने परिवार को कुछ रुपये देकर बाकी हड़प लिया। अब बैंकों के तगादे से आजिज किसान ने परिवार संग सरयू नदी में डूबकर आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। एक शिकायत कर्ता की तहरीर पर दोहरीघाट थाने में एक आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र में गौरीडीह गांव निवासी पीड़ित किसान विनोद राय पुत्र स्व. नगेंद्र राय ने आरोप गलाया है कि उसके दूर के एक रिश्तेदार ने उसके पिता को झांसा देकर वर्ष 2000 में एलडीबी मझवारा से पौने दो लाख का लोन निकलवा दिया। पिता को केवल पांच हजार रुपये देकर बाकी रकम हड़प लिया। पिता के निधन के बाद उसे 10 विस्वा जमीन बेंचकर उसे कर्ज चुकाना पड़ा। फिर उसी व्यक्ति ने विनोद की मां मेवाती को यूबीआई की सेमरी शाखा से डेढ़ लाख का ऋण निकलवाया और 15 हजार रुपये देकर शेष रकम ले ली। इसके बाद उसी व्यक्ति ने विनोद के नाम से केसीसी सुल्तानपुर स्थित एक बैंक से 95 हजार का ऋण निकलवाया और पांच हजार रुपये विनोद को देकर 90 हजार रुपये खुद ले लिया। विनोद को पता ही नहीं चला और उसके नाम से यूबीआई सूरजपुर से ट्रैक्टर का लोन भी लिया गया। जब बैक से वसूली गई तो उसे जानकारी हुई। गिरोह के सरगना ने सुग्गीचौरी के चंद्रिका यादव, हांसापुर के कृष्ण कांत , गौरी डीह गांव के ही विजय नाथ, दशरथ ,जीऊपार गांव के दिनेश राम, बुढावल के श्रीप्रकाश और घोसी क्षेत्र के बसपा नेता अखिलेश राम के नाम से भी लाखों के लोन निकाले। इस मामले गीता देवी की तहरीर दोहरीघाट थाने में अवधेश राय नामक व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया है। लेकिन विवेचक के तबादले से जांच रुकी है। एसओ दोहरीघाट राज केसर सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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