नगर सहित जिले के विभिन्न रूटों पर ऑटो और अन्य सवारी वाहनों का किराया 12 साल से निर्धारित नहीं हुआ है। जानकारी के मुताबिक 2012 में नगर सहित जिले के अलग अलग रूटों पर किराया निर्धारित किया गया था। चालकों को किराये की सूची ऑटो और ई-रिक्शा पर लगाने का नियम है। लेकिन जिम्मेदारों के उदासीन रवैये के कारण इस नियम का पालन नहीं हो पा रहा है।
दिलचस्प ये है कि परिवहन विभाग के पास किराया सूची की जानकारी ही नहीं है। वहीं नगर पालिका के पास 2012 में निर्धारित किराये की सूची पड़ी हुई है। सही किराया पता नहीं होने से दूसरे जिलों या बाहर से आने वाले लोगों से ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमाना किराया लेते हैं। यही नहीं ग्रामीण इलाकों से जिला मुख्यालय इलाज और खरीदारी के लिए आने वाले लोग सबसे अधिक मनमानी का शिकार हो रहे हैं। जबकि तय किए गए किराये की सूची ऑटो और ई-रिक्शा पर लगी है या नहीं इसके लिए नगर पालिका और एआरटीओ की जिम्मेदारी तय की गई थी।
जनपद में 7139 ऑटो और 4927 ई-रिक्शा पंजीकृत है। इनमें से सबसे अधिक ई-रिक्शा मऊ शहर के अलग-अलग रूटों पर चलते हैं। लेकिन कुछ ही दूर ले जाने के लिए एक यात्री से 30 से 40 रुपये ले लेते हैं। जानकारी के अभाव में लोग किराया दे भी देते हैं। बृहस्पतिवार को मधुबन तहसील क्षेत्र के दुबारी से मऊ इलाज के लिए आए संतोष कुमार ने बताया कि उन्हें गाजीपुर तिराहा से मिर्जाहादीपुर चौक तक जाना था। ई-रिक्शा चालक ने उनसे 30 रुपये लिए। इसी तरह रतनपुरा से आईं विद्यावती देवी और उर्मिला ने बताया कि उन्हें गाजीपुर तिराहा से बलिया मोड़ तक जाना था। ऑटो चालक ने दोनों लोगों से 40 रुपये ले लिए।
हर रूट पर ऑटो चालकों की होती है मनमानी वसूली
रेलवे स्टेशन से भीटी तक किराया 10 रुपये है। नगर के बीचोबीच स्थित मऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद कोपागंज, रतनपुरा और घोसी की ओर जाने के लिए लोग भीटी जाते हैं। बढुआगोदाम, परदहां जाने के लिए आजमगढ़ तिराहा और गाजीपुर तिराहा जाते हैं। इन सभी रूटों पर जाने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा के लिए किराया 10 रुपये है। लेकिन मनमानी करते हुए चालक यात्रियों से 20 से 30 रुपये वसूल लेते हैं। वहीं रोडवेज से उतरकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जाने के लिए लोग ब्रह्मस्थान स्थित प्राइवेट बस स्टैंड जाते हैं। जबकि रोडवेज से ब्रह्मस्थान तक का किराया भी 10 रुपये है लेकिन वहां के लिए भी 20 रुपये लिया जाता है। संवाद
ऑटो और ई-रिक्शा के लिए किराया सूची नगर पालिका और ऑटो यूनियन द्वारा बैठक करके निर्धारित की गई थी। किराया सूची की जानकारी नगर पालिका के पास होती है।-सुहेल अहमद, एआरटीओ, मऊ
परिवहन विभाग और ऑटो यूनियन के साथ बैठक करके सभी रूटों पर किराया निर्धारित किया गया था। इसका पालन कराने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की है।- दिनेश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका मऊ