मेरे पति को सट्टे की गंदी लत है। उनके सट्टे के लत में 15 लाख का कर्ज हो चुका है। पति की सैलरी आते ही उससे पैसे कट जाते हैं। इतना ही नहीं इस कर्ज को चुकाने के लिए सारे गहने भी बेच दिया है। बावजूद मेरे पति की इस गंदी आदत नहीं छूट रही है। यह गुहार रविवार को एक महिला ने पुलिस लाइन में आयोजित परिवार परामर्श की बैठक में सदस्यों के समक्ष लगाई।
ब्यूरो के सदस्यों ने मौजूद महिला के पति से लिखवाया कि वह आगे से ऐसा नहीं करेगा, तनख्वाह भी पत्नी को देगा ताकि वो बचे पैसे से परिवार का भरण पोषण कर सके।
इससे पहले बैठक में 30 मामले आए, जिनमें 13 मामलों का निस्तारण हुआ। इस दौरान दो दंपती आपसी कलह भुलाकर साथ रहने को तैयार हुए। जबकि दो मामले में सास बहू ने आपसी समझौता कर मामले को वापस लिया।
वहीं एक मामले में एफआईआर दर्ज हुआ तो आठ मामलों में फाइल प्रार्थी पक्ष की उदासीनता से बंद की गईं, जबकि शेष मामलों में अगली तारिख दी गयी। बैठक में अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दूबे, शाहिद पैरिस, मौलवी अरशद, एस आई इन्द्रभूषण पान्डेय ने मामलों का निस्तारण किया।