मधुबन के दरगाह स्थित संत मीरा शाह के मजार पर कोरोना की सख्ती के बावजूद उमड़ी भीड़ ।
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मधुबन। तहसील क्षेत्र के दरगाह स्थित संत मीरा शाह बाबा के मजार पर लगातार सात वृहस्पतिवार को लगने वाले ऐतिहासिक मेला के अंतिम दिन मजार स्थल पर जायरीनों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग झुंड की शक्ल में मजार पर पहुंचने लगे। सूचना मिलने पर मेला स्थल पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में किया। साथ ही लोगों सोशल डिस्टेंसिंग मजार पर मत्था टेककर परिवार के सुख समृद्धि की कामना की। कोरोना महामारी के चलते मेला कमेटी की तरफ से तहसील क्षेत्र के दरगाह स्थित संत मीरा शाह बाबा के मजार पर लगातार सात बृहस्पतिवार को लगने वाले ऐतिहासिक मेला को शुरूआती दिनों में ही स्थगित कर दिया गया था। मजार के मुख्य द्वार को जायरीनों के लिए बंद कर दिया गया था। जिसका नतीजा यह रहा कि पहली बराम के मेला से लेकर छठवीं बराम के मेला की तिथि तक मजार पर सन्नाटा ही पसरा रहा। अंतिम मेला की तिथि पर नजारा कुछ और ही रहा। बृहस्पतिवारकी सुबह मजार स्थल पर जायरीनों की भारी भीड़ जमा हो गई । ऐसे में न तो सामाजिक दूरी का पालन रहा और ना ही मास्क की अनिवार्यता। लोग झुंड की शक्ल में मजार पर पहुंचने लगे। सूचना पर मेला स्थल पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में किया। मजार को जाने वाले मार्ग के मुख्य द्वार पर बैरिकेटिंग कर लोगों के प्रवेश को रोकना शुरू किया। सोशल डिस्टेंसिंग से एक-एक कर भेजा गया। हालांकि मेला स्थल पर एक भी दुकान नहीं लगी थी फिर भी देर शाम तक जायरीनों के आने का क्रम जारी रहा जिसमें महिलाओं की भागीदारी अधिक रही । लोगों ने बाबा के मजार पर मत्था टेक अपने एंव परिवार के लिये अमन चैन की कामना की।